भोपाल में पूर्व मॉडल ट्विशा शर्मा मौत मामले में बुधवार देर रात बड़ा मोड़ आ गया। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत रद्द कर दी। वहीं इससे पहले दिन में भोपाल की अदालत ने पति समार्थ सिंह को 29 मई तक CBI कस्टडी में भेज दिया। मामले को लेकर प्रदेशभर में चर्चा तेज हो गई है।
हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि मामले में गंभीर आरोप, जांच में सहयोग न करना और ट्रायल कोर्ट द्वारा अहम तथ्यों पर ध्यान न देना जमानत रद्द करने के मुख्य आधार हैं। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि गिरिबाला सिंह को कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन उन्होंने जांच एजेंसी के साथ सहयोग नहीं किया।
ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल स्थित घर में मृत पाई गई थीं। 15 मई को FIR दर्ज होने के कुछ घंटों के भीतर जिला अदालत ने गिरिबाला सिंह को अंतरिम अग्रिम जमानत दे दी थी। इसी आदेश को अब हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है।
कोर्ट ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी उल्लेख किया। रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी बताया गया, लेकिन शरीर पर छह अन्य चोटों के निशान मिलने की बात भी सामने आई। अदालत ने कहा कि ये चोटें शव उतारने या अस्पताल ले जाने के दौरान नहीं लगी थीं।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह ने कहा, “आरोपी पक्ष लगातार जांच से बचता रहा। पांच बार नोटिस देने के बावजूद बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे।” वहीं ट्विशा के परिवार की ओर से वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने दलील दी कि केवल उम्र के आधार पर राहत नहीं दी जा सकती।
दूसरी ओर बचाव पक्ष ने दावा किया कि ट्विशा के चैट्स में सास के खिलाफ दहेज प्रताड़ना के आरोप नहीं हैं। बचाव पक्ष ने UPI ट्रांजैक्शन और मेडिकल रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि परिवार ने ट्विशा को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की थी।
अब इस हाई-प्रोफाइल केस की जांच CBI कर रही है। एजेंसी ने पोस्टमार्टम प्रक्रिया में अनियमितताओं और कुछ अनधिकृत लोगों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाए हैं। आने वाले दिनों में मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
Bhopal Death Case: सास की अग्रिम जमानत रद्द, पति समार्थ सिंह CBI कस्टडी में



