जमशेदपुर के टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) में गुरुवार को उस समय तनावपूर्ण माहौल बन गया, जब एक मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर बकाया बिल के कारण शव नहीं सौंपने का आरोप लगाया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक हंगामा होता रहा और परिजन अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते रहे।
मृतक की पहचान जोरु गोप के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, वह पिछले पांच दिनों से टीएमएच में भर्ती थे। बताया गया कि जोरु गोप रात में अपने घर की छत पर टहल रहे थे। इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वह छत से नीचे गिर पड़े। हादसे में उनके सिर में गंभीर चोट लगी, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए टीएमएच लाया गया था।
परिवार का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती के दौरान इलाज शुरू करने से पहले पैसे जमा कराने को कहा गया। परिजनों ने किसी तरह गहने और जेवर बेचकर शुरुआती रकम जमा की, जिसके बाद इलाज शुरू हो सका। हालांकि कई दिनों तक चले इलाज के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
मृतक के परिजनों का कहना है कि अब उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह खराब हो चुकी है और वे अस्पताल का पूरा बिल चुकाने में सक्षम नहीं हैं। जानकारी के अनुसार करीब 1.87 लाख रुपये का भुगतान अभी बाकी है। आरोप है कि इसी बकाया राशि के कारण अस्पताल प्रबंधन शव रिलीज नहीं कर रहा था।
घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर संवेदनहीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया। मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी गई। हालांकि अस्पताल प्रबंधन की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
गौरतलब है कि राज्य स्वास्थ्य विभाग पहले ही स्पष्ट निर्देश जारी कर चुका है कि पैसों के अभाव में किसी भी मृतक का शव अस्पताल में नहीं रोका जाएगा। ऐसे में जमशेदपुर की इस घटना ने एक बार फिर निजी और बड़े अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Jamshedpur News : TMH पर गंभीर आरोप! बकाया बिल के कारण शव रोकने का आरोप, परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा



